ग्रेटर नोएडा के बिसहाड़ा गांव से जुड़े चर्चित अखलाक हत्याकांड में एक बार फिर अदालत ने सुनवाई की तारीख बढ़ा दी है। जारचा कोतवाली क्षेत्र से जुड़े इस मामले की सुनवाई अब 23 दिसंबर को होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस दिन पीड़ित पक्ष और अभियोजन पक्ष, दोनों की दलीलें सुनी जाएंगी।
यह मामला 28 सितंबर 2015 का है, जब गोमांस सेवन की अफवाह के बाद भीड़ ने गांव निवासी अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना में अखलाक का बेटा दानिश गंभीर रूप से घायल हुआ था। करीब 10 साल से यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्यपाल से अनुमति लेने के बाद 26 अगस्त 2025 को आदेश जारी किया गया। इसके तहत अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामला वापस लेने की अर्जी लगाई। हालांकि, पीड़ित पक्ष ने इस पर कड़ा विरोध जताया है।
पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि यह माब लिंचिंग का गंभीर मामला है और सरकार का फैसला गलत है। वहीं अभियोजन पक्ष ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के आधार पर मामला वापस लेने की दलील दी और आपत्तियों का जवाब देने के लिए समय मांगा। अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 23 दिसंबर तय की।
गौरतलब है कि पहले इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर और फिर 18 दिसंबर को होनी थी, लेकिन तारीख बढ़ती गई। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर हैं और पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
