ग्रेटर नोएडा के एक व्यापारी ने सूरत की कंपनी जैनम ब्रोकिंग लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनियों पर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 11 करोड़ 64 लाख रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में दादरी की अदालत ने दादरी (दादरी CP नहीं, दादरी कोर्ट) ने दादरी कोतवाली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और नियम के मुताबिक जांच शुरू करने का आदेश दिया है।
व्यापारी प्रमोद किशोरीलाल (ओमिक्रोन-1, ग्रेटर नोएडा निवासी) इंट्रा-डे, फ्यूचर्स और ऑप्शन ट्रेडिंग का काम करते हैं। सोशल मीडिया से उन्हें सूरत में स्थित जैनम ब्रोकिंग की “प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग सेवा” के बारे में पता चला। कंपनी के डायरेक्टर जैनम पारेख और ऑपरेशनल हेड साजिद मेमन ने उनसे कहा कि वे खुद का ट्रेडिंग कोड नहीं देते, बल्कि अपनी “लीडर ब्रांच” निमी ग्रुप से 10 गुना तक लिमिट देकर ट्रेड करवाते हैं।
इसके बाद निमी ग्रुप के पार्टनर हिरेन जादव और निमित शाह से मुलाकात कराई गई। हिरेन अगस्त 2024 में ग्रेटर नोएडा आए और ग्रीनवॉल एंटरप्राइज, के.डी. कॉर्पोरेट सर्विसेज एलएलपी जैसे खातों के जरिए निवेश कराने की शर्तें तय कीं। सितंबर 2024 में प्रमोद जब सूरत के आईटीसी बिल्डिंग पहुंचे, तो वहां जैनम ब्रोकिंग का बोर्ड और 100-150 कर्मचारी देखकर उन्हें भरोसा हुआ। उन्होंने अलग-अलग खातों में कुल 11.64 करोड़ रुपये जमा किए।
लेकिन निवेश के बाद उन्हें ट्रेडिंग लिमिट की कमी, ऑर्डर रिजेक्ट, वीएआर (VAR) में गड़बड़ी जैसी दिक्कतें आने लगीं। बार-बार मीटिंग और वीडियो कॉल के बाद भी समाधान नहीं निकला। इसी बीच निमित शाह ने “जांच” का बहाना बनाकर ट्रेडिंग खातों के पासवर्ड बदल दिए, जिसके बाद लंबे समय तक ट्रेडिंग बंद रही। सही जवाब नहीं मिलने पर व्यापारी को ठगी का शक हुआ और उन्होंने अदालत में शिकायत की।
कोर्ट ने माना कि यह मामला संज्ञेय (गंभीर) अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए पुलिस जांच जरूरी है। अब दादरी पुलिस तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच करेगी l
