अयोध्या में इन दिनों श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। खबरों के मुताबिक, बीते 30 घंटे में 25 लाख से अधिक भक्त अयोध्या में रामलला और हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। यह भीड़ अमावस्या और वसंत पंचमी तक और बढ़ने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने पहले ही इतने बड़े स्तर की भीड़ का अनुमान लगाकर तैयारियां शुरू कर दी थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन भीड़ प्रबंधन के लिए लगातार काम कर रहा है। मंडलायुक्त, आईजी और जिलाधिकारी खुद मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए राम मंदिर के आसपास खास इंतजाम किए गए हैं। राम मंदिर की ओर जाने वाले रामपथ, जन्मभूमि पथ, भक्तिपथ और धर्मपथ पर भक्तों का रेला नजर आ रहा है।
रामपथ, जो दिल्ली के कर्तव्य पथ की तरह बनाया गया है, अप्रत्याशित भीड़ के कारण भर गया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने अंगद टीला से श्रद्धालुओं के निकास की व्यवस्था की थी, लेकिन भीड़ बढ़ने पर तीन नंबर गेट से भी निकासी शुरू करनी पड़ी। हनुमानगढ़ी मंदिर के पास डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन को देखते हुए नई लेन तैयार की गई है।
यातायात और ठहरने की व्यवस्था
भीड़ को ध्यान में रखते हुए बड़े वाहनों को अयोध्या में प्रवेश से रोक दिया गया है, और मौनी अमावस्या के लिए डायवर्जन की योजना बनाई गई है। ठहरने के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों में 20,000 लोगों की व्यवस्था की गई है। नगर आयुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शहर के चौक-चौराहों को सजाया गया है।
सुरक्षा प्रबंधन
सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। राम मंदिर और हनुमानगढ़ी पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस यातायात को सुचारू बनाए रखने में जुटी हुई है।
सरकार की प्राथमिकता
सरकार ने सड़कों के चौड़ीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। अयोध्या में इस समय श्रद्धालुओं की भारी संख्या से स्पष्ट है कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या एक नई ऊंचाई पर पहुंच रही है।
