अष्ट सिद्धियों के स्वामी हनुमान: धीरेंद्र शास्त्री पर ममता कुलकर्णी का बड़ा दावा
हनुमान जी को अष्ट सिद्धियों के स्वामी माना जाता है, जो उन्हें अद्भुत शक्तियों का धारक बनाती हैं। ये सिद्धियां उन्हें किसी भी परिस्थिति में इच्छानुसार रूप बदलने, दूरी तय करने, या किसी भी वस्तु को प्राप्त करने की क्षमता देती हैं।
हनुमान जी की अष्ट सिद्धियां:
1. अणिमा सिद्धि – अपने शरीर को अणु के समान अत्यंत छोटा कर लेने की शक्ति।
2. महिमा सिद्धि – विपरीत रूप में, शरीर को विशालकाय बना लेने की क्षमता।
3. गरिमा सिद्धि – शरीर का भार अत्यधिक बढ़ाने की शक्ति, जिससे कोई भी उसे हिला न सके।
4. लघिमा सिद्धि – स्वयं को बेहद हल्का बना लेने की शक्ति, जिससे वे हवा में उड़ सकते थे।
5. प्राप्ति सिद्धि – इच्छानुसार किसी भी वस्तु को प्राप्त करने और भविष्य को देखने की शक्ति।
6. प्राकाम्य सिद्धि – जल, पृथ्वी और आकाश में स्वतंत्र रूप से विचरण करने की क्षमता।
7. ईशीत्व सिद्धि – दैवीय शक्तियां प्राप्त कर चमत्कार करने की क्षमता।
8. वशित्व सिद्धि – किसी को भी अपने वश में करने की शक्ति।
धीरेंद्र शास्त्री को लेकर कहा जाता है कि वे भी प्राप्ति सिद्धि में निपुण हैं, जिसके चलते वे बिना पढ़े किसी के मन की बात जान सकते हैं। इन सिद्धियों का वर्णन पौराणिक ग्रंथों में मिलता है, और इन्हें प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या और अनुशासन की आवश्यकता होती है।
