असम के दीमा हसाओ जिले के उमरंगसो में 300 फीट गहरी कोयला खदान में फंसे 8 मजदूरों को बचाने का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 6 जनवरी को खदान में अचानक पानी भरने से 9 मजदूर फंस गए थे। अब तक एक मजदूर का शव बरामद हुआ है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की टीमें जुटी हुई हैं। नेवी के गोताखोर, आर्मी की स्पेशल फोर्स और एयरफोर्स की टीम इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, खदान की गहराई, अंधकार और पानी की स्थिति के कारण ऑपरेशन बेहद कठिन हो रहा है।
ऑपरेशन में बाधाएं
1. पानी का स्तर: खदान में 30 मीटर तक पानी भरा हुआ है। लगातार पंपिंग के बावजूद पानी का स्तर कम नहीं हो रहा।
2. खदान का लेआउट: रेस्क्यू टीम के पास खदान का कोई नक्शा नहीं है, जिससे बचाव कार्य में मुश्किलें बढ़ रही हैं।
3. पानी की स्थिति: खदान का पानी एसिडिक और मटमैला है, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य है। नेवी के रोबोटिक उपकरण (ROV) भी यहां काम नहीं कर पा रहे।
4. संपर्क का अभाव: खदान के अंदर फंसे मजदूरों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मिलना कठिन है।
अब तक की प्रगति
7 जनवरी: सेना और नौसेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। नेवी के गोताखोरों ने पानी के भीतर खोजबीन शुरू की।
8 जनवरी: एक मजदूर का शव बरामद किया गया।
9 जनवरी: नई मशीनों और मोटरों से पानी निकालने का प्रयास जारी है। मैन्युअल सर्च ऑपरेशन की भी तैयारी हो रही है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई
रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच पुलिस ने खदान के मालिक पुनीश नुनिसा को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह खदान गैरकानूनी रूप से चलाई जा रही थी।
रेस्क्यू टीमों का कहना है कि इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को पूरा करने में अभी और समय लग सकता है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मदद कर रही हैं।
