आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने वाले दो बड़े फैसले लिए गए हैं। इनसे बाजार में तेजी बनी रहने की उम्मीद है। आइए जानते हैं फैसले:
1. रेपो रेट स्थिर रखा गया
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि रेपो रेट को 6.5% पर ही बनाए रखा गया है। इसका मतलब है कि होम लोन की ब्याज दरें नहीं बढ़ेंगी। इससे घर खरीदने वालों की ईएमआई में बढ़ोतरी नहीं होगी, जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक सकारात्मक कदम है।
2. सीआरआर में 0.50% की कटौती
कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में 0.50% की कमी की गई है। इससे बैंकों के पास ₹1.16 लाख करोड़ की अतिरिक्त राशि उपलब्ध होगी। इस अतिरिक्त लिक्विडिटी से लोग ज्यादा खर्च कर पाएंगे, जिससे रियल एस्टेट और अन्य सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय
मनोज गौड़ (गौड़ ग्रुप): रेपो रेट स्थिर रखने का फैसला विकास को प्राथमिकता देने का संकेत है।
अमित मोदी (काउंटी ग्रुप): सीआरआर में कटौती से बैंकों के पास ज्यादा फंड होगा, जो अर्थव्यवस्था को ऊंचाई पर ले जाएगा।
यश मिगलानी (मिग्शन ग्रुप): छोटे शहरों में निवेश बढ़ रहा है। यह फैसला रियल एस्टेट को और रफ्तार देगा।
अजेंद्र सिंह (स्पेक्ट्रम मेट्रो): रेपो रेट स्थिरता और सीआरआर कटौती से बाजार में तेजी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
