‘इक्कीस’ में पाकिस्तानी ऑफिसर का पॉजिटिव रोल, ट्रोलिंग के डर से मेकर्स ने जोड़ा डिस्क्लेमर?

धर्मेंद्र की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’ रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गई है। वजह है फिल्म में पाकिस्तानी ऑफिसर के किरदार को पॉजिटिव रूप में दिखाया जाना। जैसे ही यह बात सामने आई, सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। भारत-पाक रिश्तों की संवेदनशीलता को देखते हुए फिल्म के मेकर्स ने अब एक स्पेशल डिस्क्लेमर जोड़ दिया है, जिसे ट्रोलिंग और विवाद से बचाव की कोशिश माना जा रहा है।

फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ‘इक्कीस’ एक इमोशनल और ह्यूमन स्टोरी है, जिसमें इंसानियत, कर्तव्य और हालात के टकराव को दिखाया गया है। इसी कहानी के तहत एक पाकिस्तानी ऑफिसर का किरदार भी है, जिसे पूरी तरह निगेटिव नहीं बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से पेश किया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए और मेकर्स की मंशा पर भी शक जताया।

इसी बढ़ते विवाद को देखते हुए मेकर्स ने फिल्म की शुरुआत में एक डिस्क्लेमर जोड़ने का फैसला किया। इस डिस्क्लेमर में साफ किया गया है कि फिल्म के सभी किरदार और घटनाएं काल्पनिक हैं और किसी भी देश, सेना या संस्था की छवि को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कहानी का मकसद केवल मनोरंजन और मानवीय भावनाओं को दिखाना है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा देना।

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि मौजूदा दौर में सोशल मीडिया ट्रोलिंग एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। कई फिल्मों को रिलीज से पहले ही विवादों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मेकर्स पहले से ही सतर्क हो रहे हैं और किसी भी तरह की गलत व्याख्या से बचने के लिए डिस्क्लेमर का सहारा ले रहे हैं।

धर्मेंद्र की यह फिल्म उनके फैंस के लिए खास मानी जा रही है। लंबे समय बाद वह एक दमदार और भावनात्मक किरदार में नजर आने वाले हैं। मेकर्स का कहना है कि ‘इक्कीस’ का फोकस किसी देश विशेष पर नहीं, बल्कि इंसानियत और परिस्थितियों की जटिलता पर है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि डिस्क्लेमर जोड़ने के बाद भी फिल्म को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है या दर्शक इसे एक कहानी के रूप में स्वीकार करते हैं।

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