उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में बंद पड़े मंदिरों की खोज का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले एक हफ्ते में मुस्लिम बहुल इलाकों में चार मंदिरों की खोज की गई है और अब वहां नियमित पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। हाल ही में अलीगढ़ में हिंदू समूहों ने एक बंद मंदिर की खोज की, जहां पुलिस मूर्तियों की जांच कर रही है।
संभल में एक विवाद उठ खड़ा हुआ है, जहां हिंदू पक्ष का दावा है कि जामा मस्जिद के स्थान पर पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने तोड़कर मस्जिद बनवाई थी। हिंदू पक्ष इसके समर्थन में 1879 की एएसआई रिपोर्ट का हवाला देता है। इस विवाद के कारण कोर्ट ने जामा मस्जिद का सर्वेक्षण आदेशित किया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। इस विवाद में पांच लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं।
मंदिरों की खोज का कारण इन इलाकों में धार्मिक परिवर्तन और रख-रखाव की कमी है। पहले इन क्षेत्रों में हिंदू समुदाय की बड़ी आबादी थी, लेकिन बाद में मुस्लिम आबादी अधिक हो गई, जिसके कारण मंदिरों में पूजा बंद हो गई और वे खंडहर में बदल गए।
संभल शहर का ऐतिहासिक महत्व मुस्लिम शासन में भी था। यह शहर सिकंदर लोदी के समय में प्रांतीय राजधानी था और बाबर के आक्रमण के दौरान भी महत्वपूर्ण था। इस दौरान कई मंदिरों को तोड़ा गया और जैन मूर्तियों को नष्ट किया गया। आज संभल में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत 77.67 है, जो इसे एक मुस्लिम बहुल शहर बनाता है।
