अलीगढ़, 18 मई 2025 — अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के म्यूजियोलॉजी विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2025 के उपलक्ष्य में “तेजी से बदलते युग में संग्रहालयों का भविष्य” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संग्रहालयों की बदलती भूमिका और तकनीकी युग में उनके समावेशी व सतत विकास पर विचार-विमर्श करना था।
सेमिनार का शुभारंभ एएमयू की कुलपति प्रो. नइमा खातून द्वारा किया गया। उन्होंने एक ऐतिहासिक पालकी की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में दुर्लभ पांडुलिपियों, प्राकृतिक इतिहास से जुड़ी वस्तुओं और सांस्कृतिक विरासत के अनमोल नमूनों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम में भारत और विदेश से आए म्यूजियोलॉजी और सांस्कृतिक धरोहर के विशेषज्ञों ने भाग लिया। विभागाध्यक्ष प्रो. अब्दुर्रहीम ने अपने संबोधन में संग्रहालयों की संवादात्मक भूमिका पर बल देते हुए बताया कि आधुनिक संग्रहालय केवल वस्तुओं के भंडार नहीं, बल्कि संवाद और शिक्षा के केंद्र बन चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ प्रो. अमरेश्वर गल्ला ने “एआई और सतत संग्रहालय” विषय पर विचार साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) संग्रहालयों के अनुभव को अधिक समावेशी और टिकाऊ बना सकती है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। सेमिनार के दौरान म्यूजियोलॉजी विभाग की प्रस्तुति, शोध कार्यों और संग्रहालय संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों की विशेष सराहना की गई। आयोजन ने न केवल अकादमिक दृष्टि से ज्ञानवर्धक मंच प्रदान किया, बल्कि छात्रों और शोधार्थियों को वैश्विक विशेषज्ञों से संवाद का अवसर भी उपलब्ध कराया।
