पृथला गांव में शुक्रवार को किसान संघर्ष मोर्चा के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों की एकजुटता और संघर्ष को नई दिशा देने का प्रयास किया गया। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय किसान सभा और किसान एकता संघ ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल गए किसान योद्धाओं के संघर्ष और साहस को सम्मानित करना था। उन्हें प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर उनके योगदान की सराहना की गई। इस आयोजन में महिलाओं के त्याग और समर्पण को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिससे मातृशक्ति को आंदोलन में अपनी अहम भूमिका का एहसास हो सके।
तीनों किसान संगठनों ने मिलकर किसानों के लिए एक ठोस योजना तैयार की। इसमें किसानों की जमीन के 10% हिस्से की सुरक्षा, नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू रखना, और हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को प्राधिकरण स्तर पर लागू करने की मांग शामिल है। इस योजना का उद्देश्य किसानों के अधिकारों की रक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में सुखबीर खलीफा ने युवाओं को समाज और किसानों के हक की लड़ाई में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने महिलाओं के योगदान की भी सराहना की। अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री से वार्ता के माध्यम से किसानों के मुद्दों को प्रभावी रूप से उठाया जा रहा है और जल्द ही ठोस परिणाम सामने आएंगे।
सोरन प्रधान ने भी किसानों के समर्थन में अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने संकल्प लिया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वे बिना किसी डर के संघर्ष करते रहेंगे। जेल गए किसान योद्धाओं ने कहा कि वे अपने संघर्ष के जरिए किसानों की आवाज को और अधिक बुलंद करेंगे।
