नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात मची भगदड़ में करीब 18 लोगों की जान चली गई, जिनमें से अधिकतर कुंभ जाने वाले यात्री थे। इस हादसे के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रेलवे को दोषी ठहराया और कुंभ को अनावश्यक करार दिया। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने लालू यादव के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि लालू यादव खुद अपने परिवार के धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होते हैं, फिर कुंभ को लेकर ऐसा बयान क्यों दिया? मिश्रा ने आगे कहा कि करोड़ों श्रद्धालु कुंभ में स्नान कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं, और इस तरह के बयान से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
जेडीयू का जवाब
जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने भी लालू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने याद दिलाया कि जब लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में 51 ट्रेन दुर्घटनाएं और 370 रेलवे क्रॉसिंग की घटनाएं हुई थीं, जिनमें कुल 1034 लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि हादसे दुर्भाग्यपूर्ण होते हैं, लेकिन इस तरह से रेलवे और हिंदू संस्कृति पर सवाल उठाने के बजाय समाधान निकालने की जरूरत है।
आरजेडी ने दी सफाई
लालू यादव के बयान पर सफाई देते हुए आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लालू यादव का आशय कुंभ के आयोजन से नहीं, बल्कि उसकी अव्यवस्था से था। उनका कहना था कि सरकार की लचर व्यवस्थाओं के कारण ही हादसे हो रहे हैं, और बीजेपी इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
इस बयानबाजी के चलते बिहार की राजनीति में घमासान मचा हुआ है और इस विवाद का असर आने वाले चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
