गौरीकुंड (उत्तराखंड)। केदारनाथ यात्रा के दौरान शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। आर्यन एविएशन का एक हेलिकॉप्टर केदारनाथ से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद गौरीकुंड के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सभी 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में दो बच्चियां और चार वयस्क श्रद्धालु शामिल थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के बाद अचानक थोड़ा मुड़ा, पीछे की ओर गया और फिर नीचे गिरते हुए पेड़ों से टकराकर जल उठा। हादसे के वक्त मौसम बेहद खराब था और चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हेलिकॉप्टर ने तय समय से पहले यानी सुबह 5:17 बजे उड़ान भरी, जबकि मौसम विभाग की सलाह के अनुसार इस क्षेत्र में हेलिकॉप्टर सेवाएं सुबह 6 बजे से पहले नहीं चलाई जानी चाहिए थीं। पायलट को खराब मौसम और शून्य दृश्यता की जानकारी होने के बावजूद उड़ान भरने की अनुमति दी गई।
घटना के बाद आर्यन एविएशन की सभी उड़ान सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गईं हैं। साथ ही, विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच के आदेश दिए हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम भी केदारनाथ पहुंच चुकी है।
इस हादसे के बाद चारधाम यात्रा में हेलिकॉप्टर सेवाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल है और न ही रडार सिस्टम, जिस वजह से पायलट पूरी तरह अपने अनुभव और दृश्यता पर निर्भर रहते हैं।
