सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कड़ा सवाल पूछा। उन्होंने कहा—“कोविड में लॉकडाउन था, तब भी पराली जली, लेकिन आसमान नीला था। आज क्यों नहीं?” उनका इशारा यह था कि 2020 में गाड़ियां, फैक्ट्रियां और निर्माण काम बंद थे, इसलिए बाकी प्रदूषण स्रोत लगभग खत्म हो गए थे, जिससे हवा साफ दिखी। उन्होंने समझाया कि सिर्फ पराली नहीं, बल्कि वाहन, उद्योग, धूल-धुआं और निर्माण से उठती धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी वजह हैं। CJI ने सरकारों से सख्त लहजे में पूछा कि प्रदूषण रोकने के लिए अब तक क्या प्रभावी कदम उठाए गए और क्यों हर साल हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अदालत का संदेश साफ था कि सभी प्रदूषण स्रोतों पर एक साथ नियंत्रण जरूरी है, तभी हवा बेहतर हो सकती है।
कोविड में पराली जली फिर भी आसमान नीला, अब क्यों नहीं?— प्रदूषण पर CJI का तीखा सवाल
