कौशांबी (उत्तर प्रदेश) के सराय अकिल थाना क्षेत्र में 21 नवंबर को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। आरोपी मीना देवी ने अपनी मानसिक रूप से कमजोर बेटी अनामिका को यमुना नदी के पास ले जाकर रेलिंग पर बैठाया और मौका पाकर उसे धक्का दे दिया।
उसके बाद बेटी नदी में गिर पड़ी और डूब गई। इस त्रासदी के बाद मीना देवी ने पुलिस स्टेशन जाकर अपनी बेटी की गुमशुदगी की झूठी शिकायत दर्ज कराई, ताकि कोई उस पर शक न करे।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला कबूलनामा
पुलिस ने गहन पूछताछ के बाद मामले की असलियत सामने लायी। मीना देवी ने माना कि उसकी बेटी अक्सर विवाद करती थी, और उसकी मानसिक कमजोरियों के कारण घर में तनाव बना रहता था।
जब वह उनती सुबह अपने छह महीने के बेटे और बेटी को लेकर घर से निकली, तो उसने ई-रिक्शा से यमुना के एक महिला घाट पुल पर पहुंचकर, एक खौफनाक फैसला लिया: बेटी को रेलिंग पर बैठाकर धक्का देना।
शव अभी भी नहीं मिला — तलाश जारी
घटना के लगभग तीन दिन बाद भी अनामिका का शव नहीं मिला है। पुलिस टीमों ने नदी में नावों की मदद से खोज अभियान जारी रखा है, और स्थानीय मछुआरों की मदद ली जा रही है।
प्रशासन और थाना प्रभारी (CO चायल अभिषेक सिंह) प्रमुखता से इस खोज को मॉनिटर कर रहे हैं, और उन्होंने पुलिस टीमों को लगातार खोज में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।
जांच में गंभीरता — पुलिस गठित टीम
कौशांबी पुलिस प्रशासकों ने इस मामले की गहनता देखते हुए एक विशेष टीम गठित की है।
थाना प्रभारी और वरिष्ठ अधिकारी मिलकर शव बरामद करने और इस हत्या के पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए काम कर रहे हैं।
