सादुल्लापुर गांव का नाम बदलकर भरतपुर करने की मांग पर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ दिन पूर्व गांव के कुछ लोगों ने विधायक तेजपाल नागर को पत्र सौंपकर नाम परिवर्तन की मांग की थी। इसके बाद पूरे गांव में विरोध शुरू हो गया।
गांव में पंचायत बुलाई गई, जहां ग्रामीणों ने साफ कहा कि नाम बदलने से गांव की तकदीर नहीं बदलेगी। पंचायत में दीपक नागर ने कहा कि गांव की सबसे बड़ी समस्याएं जर्जर सड़कें, रेलवे ओवरब्रिज और आए दिन लगने वाला जाम है। इसके अलावा यहां अस्पताल, स्टेडियम और स्कूल जैसी सुविधाओं की सख्त जरूरत है। अगर ये सुविधाएं मिलें तो गांव की खुशहाली बढ़ेगी।
वहीं, जगदीश नागर ने चेतावनी दी कि अगर गांव का नाम बदला गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा और डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पंचायत के अध्यक्ष बाबा परमाल ने भी विरोध जताते हुए कहा कि नाम बदलने को लेकर गांव के लोगों से कोई राय नहीं ली गई, इसलिए यह कदम स्वीकार्य नहीं है।
गांव के प्रधान रणसिंह ने कहा कि सभी ग्रामवासी इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं। उनका कहना है कि नाम बदलने से गांव का भला नहीं होगा, बल्कि ग्रामीणों को और कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
इस दौरान पंचायत स्थल पर महि प्रधान भिकारी नागर, बीडीसी बिजेंद्र नागर, मास्टर सरजीत नागर, योगेश नागर, प्रोफेसर अजीत नागर, निरंजन नागर, अमरजीत नागर, पवन पहलवान, जितेंद्र पहलवान, संजू पहलवान, सचिन नागर, प्रभांशु नागर समेत गांव के युवा और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
