गाजा में मानवीय संकट और सहायता वितरण केंद्र पर हालिया भगदड़ की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। 27 मई 2025 को, रफ़ा के पास स्थित अमेरिकी-समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) द्वारा संचालित एक खाद्य सहायता केंद्र पर हजारों भूखे फिलिस्तीनियों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
घटना का विवरण
GHF का यह केंद्र हाल ही में खोला गया था, जिसका उद्देश्य लगभग 10 लाख फिलिस्तीनियों को खाद्य सहायता प्रदान करना था। लेकिन केंद्र खुलने के कुछ ही घंटों बाद, हजारों लोगों की भीड़ ने बाड़ों को तोड़ते हुए अंदर घुसने की कोशिश की। इस दौरान, इजरायली सैनिकों ने चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं, जिससे भगदड़ मच गई और कम से कम तीन लोग घायल हो गए ।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना की व्यापक आलोचना हुई है:
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस घटना को “हृदयविदारक” बताया और इसकी तत्काल जांच की मांग की ।
यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने इसे “पूरी तरह से अस्वीकार्य” कहा और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के रूप में इसकी निंदा की ।
फ्रांस, इटली, जर्मनी, तुर्की, सऊदी अरब, और कोलंबिया सहित कई देशों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और तत्काल युद्धविराम की मांग की है ।
सहायता वितरण प्रणाली पर विवाद
GHF की सहायता वितरण प्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं:
सहायता केंद्रों को इजरायली सैन्य ठिकानों के पास स्थापित किया गया है, जिससे उनकी निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हुआ है।
सहायता प्राप्तकर्ताओं की पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे निजता और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
GHF के कार्यकारी निदेशक जेक वुड ने नैतिक चिंताओं के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है ।
मानवीय संकट की गहराई
गाजा में मार्च 2025 से जारी इजरायली नाकाबंदी के कारण खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की भारी कमी है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, लगभग 5 लाख लोग भुखमरी के कगार पर हैं, और सहायता वितरण में बाधाएं आ रही हैं ।
