प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने आगामी ‘गाजा पीस समिट’ (Gaza Peace Summit) में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। यह समिट मिस्र के शार्म अल शेख (Sharm El-Sheikh) शहर में आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य इज़रायल-हमास संघर्ष को समाप्त कर मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित करना है।
माना जा रहा है कि इस समिट में दुनिया के कई बड़े नेता शामिल होंगे — जिनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भी शामिल हो सकते हैं।
भारत के लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की छवि एक वैश्विक शांतिदूत और निर्णायक नेता के रूप में उभरी है।
अगर पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात होती है, तो यह दोनों नेताओं के बीच नई रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत भी मानी जा सकती है — खासकर एशिया और मध्य पूर्व की बदलती परिस्थितियों के संदर्भ में।
भारत ने हमेशा से “संवाद से समाधान” की नीति पर जोर दिया है, और मोदी का इस समिट में शामिल होना भारत की विश्व शांति में भूमिका को और मजबूत करेगा।
