गाजियाबाद अधिवक्ता आंदोलन: चार जनप्रतिनिधियों की सदस्यता रद्द, आगामी रणनीति पर चर्चा

गाजियाबाद में 29 अक्टूबर 2024 को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के बाद यह मामला एक संगठित आंदोलन का रूप ले चुका है। बार एसोसिएशन गाजियाबाद, जो लगभग पांच हफ्तों से हड़ताल पर है, ने अब महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार के चार जनप्रतिनिधियों – कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, और मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी – की सदस्यता स्थाई रूप से रद्द करने का ऐलान किया है। यह निर्णय इन जनप्रतिनिधियों द्वारा आंदोलन में सहयोग ना देने और अपनी स्थिति स्पष्ट न करने के कारण लिया गया है।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि इन जनप्रतिनिधियों को 29 नवंबर 2024 को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था कि वे अपनी स्थिति स्पष्ट करें, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस कारण 5 दिसंबर 2024 से उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई।

इसके अलावा, बार एसोसिएशन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के जिला बार एसोसिएशनों और अन्य संगठनों को आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करने के लिए एक सभा में बुलाया है। इस सभा में गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के अधिवक्ता अपनी राय देंगे और आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।

अधिवक्ताओं ने यह भी घोषणा की है कि अगर कोई अधिवक्ता उनके द्वारा पारित प्रस्ताव के खिलाफ न्यायिक कार्य करता हुआ पाया जाता है, तो उसकी सदस्यता पांच साल के लिए रद्द कर दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *