गाजियाबाद में नेहरू युवा केंद्र और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से एनडीआरएफ शहीद ऑडिटोरियम में 4वें कश्मीरी यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम गाजियाबाद इंद्र विक्रम सिंह ने दीप जलाकर किया।
इस प्रोग्राम में कश्मीर के विभिन्न जिलों से 132 युवाओं का चयन किया गया है, जो छह दिनों तक भारत की सांस्कृतिक धरोहर को नजदीक से जानने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लेंगे। यह आयोजन गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया गया है।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथ में है, और उन्हें संस्कृति व विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि “वतन को जानों” जैसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाएंगे।
आठवीं एनडीआरएफ बटालियन के सीओ पीके तिवारी ने कहा कि युवाओं को सही मार्गदर्शन और दिशा देकर उनकी ऊर्जा का उपयोग देश निर्माण के लिए किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें बारामुला, कुपवाड़ा और अनंतनाग की टीमों ने खास आकर्षण बनाया। कालबेलिया नृत्य और स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को जीवंत कर दिया। प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
विशेषज्ञों ने युवाओं को राष्ट्रनिर्माण, कश्मीर घाटी की समस्याओं, स्वच्छ भारत अभियान, भाषा ज्ञान और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। आयोजन में कई युवा स्वयंसेवकों ने भी योगदान दिया।
