ग्रेटर नोएडा के अमृतपुरम रोटरी से लेकर रामपुर जागीर गोलचक्कर और पुरानी अथॉरिटी रोटरी तक बनी ग्रीन बेल्ट में एक समय कचनार के पेड़ लगे हुए थे, लेकिन समय के साथ ये पेड़ सूख गए थे। उनकी जगह पर उद्यान विभाग द्वारा कनेर के पौधे लगाए जा रहे थे। इस बदलाव को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी थी, क्योंकि कचनार की खूबसूरती और छांव की अपनी एक खास पहचान है।
इस विषय को गंभीरता से लेते हुए एक्टिव सिटीजन टीम ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ और ओएसडी अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। टीम ने मांग की कि ग्रीन बेल्ट की सुंदरता और मूल पहचान को बरकरार रखने के लिए फिर से कचनार के पेड़ लगाए जाएं।
अधिकारियों ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आज इस पूरे ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में कुल 180 कचनार के पेड़ लगाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता और हरियाली को भी बढ़ाएगी।
स्थानीय निवासियों और एक्टिव सिटीजन टीम ने इस कार्य के लिए प्राधिकरण के सीईओ और अन्य अधिकारियों का आभार जताया है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी इस तरह की भागीदारी और जागरूकता से शहर को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
