उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की एक हाईराइज सोसाइटी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। 14 साल का बच्चा, जिसका नाम प्रांशु था, अपने फ्लैट की बालकनी में खेलते समय 14वीं मंजिल से गिरकर मौत के मुंह में चला गया। यह घटना करीब तीन बजे दिन में हुई। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अब इस हादसे की जांच कर रही है।
यह पहला हादसा नहीं है। इस तरह के हादसे अक्सर हो रहे हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ। अधिकतर मामलों में यह पाया गया है कि बालकनी की लोहे की ग्रिल की ऊंचाई बहुत कम होती है, जिससे लोग गिर जाते हैं। कई बार बिल्डरों को इस बारे में चेतावनी दी गई है कि वे बालकनी की रेलिंग को सही ऊंचाई और मानकों के अनुसार लगवाएं ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
इसके अलावा, सोसाइटी के निवासियों को भी यह सलाह दी गई है कि वे अपनी बालकनी में जाल लगवाएं, खासकर ऊंची मंजिलों पर रहने वालों को, ताकि बच्चों के गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सके। यह कदम ऐसे हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।
हालांकि इस तरह के हादसों को लेकर कई बार चेतावनियां दी गई हैं, फिर भी इन घटनाओं में कमी नहीं आई है। यह स्थिति गंभीर है और जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डरों को इसे लेकर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। इस तरह के हादसे न केवल परिवारों के लिए दुःखद होते हैं, बल्कि सोसाइटी में रहने वाले सभी लोगों के लिए चिंता का कारण भी बनते हैं।
