ग्रेटर नोएडा में हाल की बारिश ने एक बार फिर शहर की अधूरी योजनाओं और लापरवाह प्राधिकरण की पोल खोल दी है। इकोटेक-23, डेल्टा-2, गामा-1 से लेकर सूरजपुर कोर्ट तक जगह-जगह जलभराव, टूटी सड़कों और खराब सफाई व्यवस्था ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इकोटेक-23 में सड़कें गहरे गड्ढों से भरी पड़ी हैं। बारिश के बाद इन पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय समाजसेवी मोहित भाटी ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में पहले जो निर्माण कार्य हुए थे, उनमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है और आज जनता उन घोटालों की सजा भुगत रही है।
वहीं, डेल्टा-2 के एक पार्क में 10-12 घंटे से पानी भरा हुआ है। छोटे-छोटे बच्चे इस पार्क में खेलने आते हैं, लेकिन बारिश का पानी भरने के कारण यहां गंभीर हादसे का खतरा बना हुआ है। इससे पहले पी-3 सेक्टर के पार्क में जलभराव के चलते एक बच्चे की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी अब तक कोई कदम नहीं उठा पाए हैं। गामा-1 सी-ब्लॉक के पार्कों में भी पानी भरने के साथ-साथ पेड़ों की कटाई और गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे नाराज़ हैं।
सूरजपुर कोर्ट से लेकर शहर के अन्य हिस्सों में भी जलभराव और टूटी सड़कें आम जनता के लिए मुसीबत बन गई हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के हर सीजन में यही हाल होता है, लेकिन प्राधिकरण आंखें मूंदे बैठा रहता है। स्थानीय निवासी अब मूलभूत सुविधाओं की बहाली और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
