ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटी में दूषित पानी पीने से बीमार लोगों की संख्या 250 तक पहुंच गई है। सबसे पहले इको विलेज-1 सोसाइटी में लोगों के बीमार होने की खबर आई, फिर पंचशील हाईनिस और अरिहंत आर्डेन सोसाइटी में भी इसी तरह के मामले सामने आने लगे।
प्रदूषित पानी का असर
एक निवासी ने जब अपने घर के पानी की निजी लैब में जांच कराई तो उसमें कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा अधिक पाई गई, जो पानी को दूषित कर सकता है। यही नहीं, पानी में टीडीएस की मात्रा भी अधिक मिली। दूषित पानी पीने से लोगों को पेट दर्द और उल्टी की समस्या हो रही है।
प्रशासन की कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इको विलेज-1 के फैसिलिटी हेड मजहर अली का कहना है कि उनकी रिपोर्ट में पानी सामान्य पाया गया, लेकिन टैंकों की सफाई का काम जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने इको विलेज-1 में मरीजों की सूची तैयार की, और बुधवार को टीम ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाकर जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य शिविर लगाएगी।
लोगों की परेशानी जारी
रहवासियों का कहना है कि पिछले आठ दिनों से दूषित पानी पीने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। हर दिन करीब 15 नए मरीज सामने आ रहे हैं। अरिहंत आर्डेन सोसाइटी के एओए अध्यक्ष के अनुसार, अभी भी चार लोग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कई ठीक होकर लौट चुके हैं।
