चिन्नास्वामी भगदड़ पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार से मांगी रिपोर्ट, पूछा- क्या SOP है अगली आपदा के लिए?

बेंगलुरु, 5 जून 2025:

आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की जीत के जश्न के दौरान बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ के मामले पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। घटना में 11 लोगों की मौत और 75 से अधिक घायल होने के बाद, अदालत ने राज्य सरकार से भीड़ प्रबंधन नीति, आपातकालीन योजना (SOP) और घटना से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।

क्या हुआ कोर्ट में?

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने पूछा कि भविष्य में अगर ऐसी घटनाएं दोहराई जाती हैं तो क्या सरकार के पास कोई पूर्वनिर्धारित SOP या इमरजेंसी रिस्पॉन्स प्लान है?

मुख्य सवाल-जवाब:

कोर्ट: क्या ऐसी स्थिति में तत्काल एम्बुलेंस व्यवस्था, अस्पतालों की पहचान और निकासी योजना मौजूद है?

एडवोकेट जनरल (AG): सरकार अब एक योजना बना रही है। उस वक्त एम्बुलेंस मौजूद थीं, लेकिन पर्याप्त नहीं थीं।

कोर्ट: क्या RCB को आयोजन की अनुमति दी गई थी?

AG: हां, लेकिन अनुमान से अधिक (2.5 लाख) भीड़ जमा हो गई थी क्योंकि आयोजन मुफ्त था।

कोर्ट: भविष्य के लिए स्पष्ट SOP क्यों नहीं है?

सरकार की तरफ से क्या दलील दी गई?

सरकारी वकील ने बताया कि स्टेडियम के पास 1483 पुलिसकर्मियों की तैनाती थी लेकिन भीड़ क्षमता से कई गुना अधिक थी। सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि घटना की जांच जारी है, FIR दर्ज हो चुकी है और संबंधित एजेंसियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।

याचिकाकर्ता की आपत्ति

वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण श्याम ने सवाल उठाया कि जब आयोजन राष्ट्रीय स्तर का नहीं था और खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे, तो इतने बड़े स्तर पर आयोजन क्यों किया गया? साथ ही उन्होंने दावा किया कि केवल तीन गेट खोलने से यह आपदा हुई।

अगली सुनवाई:

हाईकोर्ट ने मामले को 10 जून 2025 के लिए सूचीबद्ध किया है और रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि स्वतः संज्ञान को रिट याचिका में बदला जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *