मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत दो सेंटरों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इसका कारण समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों को नहीं ढूंढ पाना रहा है। खास बात यह है कि ग्रेटर नोएडा की पहचान प्रदेश के एजुकेशन हब के रूप में है। कई लाख बच्चे यहां पर पढ़ रहे हैं। इसके बाद भी बच्चों का नहीं मिलना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाता है।
शासन ने जिले में अभ्युदय योजना के तहत जिले में चार सेंटर खोेलने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक सेंटर में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को कोचिंग दी जानी है। यहां पर गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा में डा. भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय, पंचशील बालिका इंटर कालेज और दादरी के एनटीपीसी प्रभावित सलारपुर कला में सेंटर बनाए गए थे। अगस्त माह से सभी सेंटरों में कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाना था। फिलहाल अभी तक डा. आंबेडकर सेंटर में कक्षाएं शुरू हैंं। यहां पर यूपीएससी, नीट आदि के 145 बच्चों को कोचिंग दी जा रही है। इसके अलावा पंचशील बालिका इंटर कालेज में 60 बच्चे कोचिंग का लाभ ले रहे हैंं। फिलहाल जीबीयू में जेई व आईएएस और सलारपुर कला के सेंटर में एनडीए व सीडीएस की कक्षाओं के लिए विभाग को बच्चे नहीं मिले। इसके चलते यह दोनों सेंटर बंद पड़े हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों ने आनलाइन आवेदन किया था, लेकिन संख्या कम होने के कारण जिम्मेदारों ने सेंटर शुरू नहीं कराए।
जीबीयू और सलारपुर कला में नहीं शुरू हो सका मुख्यमंत्री अभ्युदया योजना के तहत कक्षाएं
