ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव में पिछले दो दिनों से एक गाय सड़क किनारे बीमार हालत में पड़ी थी। तेज धूप और भूख-प्यास से कमजोर हो चुकी उस गाय को देखकर गांव के लोग चिंतित थे, लेकिन कोई भी संस्था या अधिकारी उसकी मदद के लिए नहीं आया। गांव में यह चर्चा फैल गई कि आखिर गौशालाओं के नाम पर करोड़ों रुपये मिलने के बावजूद ऐसी लापरवाही क्यों हो रही है।
इसी बीच समाजसेवी मोहित भाटी को जब इस बात की जानकारी मिली तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे। गाय की हालत देखकर वे हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि “गौशालाओं के रखरखाव के लिए बड़ी राशि दी जाती है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हो रहा है। अगर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान दें, तो कोई भी गाय सड़क पर यूं तड़पती नहीं दिखेगी।”
मोहित भाटी ने तुरंत इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। शिकायत के बाद अथॉरिटी की टीम मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सक को बुलाकर गाय का इलाज शुरू करवाया। इलाज के बाद गाय को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
गांव के लोगों ने राहत की सांस ली और समाजसेवी के प्रयास की सराहना की। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर तुरंत ध्यान दिया जाए, ताकि किसी भी निर्दोष पशु को लापरवाही की भेंट न चढ़ना पड़े।
