जेवर एयरपोर्ट विस्थापित गांव रनहैरा में पंचायत, किसानों ने रखी अपनी मांगें – कहा, लड़ाई आखिरी दम तक जारी रहेगी

जेवर एयरपोर्ट के विस्थापन को लेकर रविवार को गांव रनहैरा में पंचायत का आयोजन हुआ। पंचायत की अध्यक्षता सुखबीर सिंह ने की जबकि संचालन का दायित्व बृजपाल ने निभाया। इस मौके पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना ने बताया कि अब तक लगभग 14 गांवों का विस्थापन प्रस्तावित है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि उन्हें 5 से 15 लाख रुपये का मुआवजा, घर के बराबर जमीन, प्रत्येक परिवार को नौकरी और नए बसाए जाने वाले गांव में सभी जनसुविधाएं दी जाएं।

बृजपाल ने कहा कि हमारा धरना पिछले एक साल से लगातार चल रहा है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्थापन के नाम पर पहले भी किसानों के साथ धोखा हुआ है, इसलिए इस बार गांव वाले बिना गारंटी के कोई सर्वे नहीं होने देंगे।

ग्रामवासी नीरज ने कहा कि आज पंचायत में यह निर्णय लिया गया है कि आने वाले समय में 13 अन्य गांवों में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के जरिए किसानों को जागरूक कर आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अब “रणहैरा गांव से बिगुल बज चुका है” और वे किसी भी तरह की अनदेखी सहन नहीं करेंगे।

इस पंचायत में कई गांवों के प्रधान और किसान नेता भी मौजूद रहे जिनमें राजे प्रधान, अनित कसाना, सुनील प्रधान, रॉबिन नागर, गुलाब, राजमल, धर्मपाल, स्वामी प्रीतम, मनीष मंगल, सूबेदार साहब, विल्सन, उदयवीर चौधरी, विपिन चौधरी और महावीर समेत सैकड़ों किसान कार्यकर्ता शामिल हुए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर साफ संदेश दिया कि जब तक मुआवजा और सुविधाओं पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, आंदोलन पूरे दमखम के साथ जारी रहेगा।

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