भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रूप में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उन्हें इस पद के लिए चुना। उनकी नियुक्ति के साथ ही हरियाणा के मुख्य सचिव विवेक जोशी को चुनाव आयुक्त बनाया गया है, जबकि सुखबीर सिंह संधू पहले की तरह चुनाव आयुक्त बने रहेंगे।
ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में अहम चुनाव:
1. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव (2027) – इन महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों के लिए चुनाव उनकी देखरेख में होंगे।
2. विधानसभा चुनाव – बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव उनके कार्यकाल में होंगे।
3. राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव – कुछ राज्यों में राज्यसभा के लिए नियमित अंतराल पर चुनाव भी होंगे।
कौन हैं ज्ञानेश कुमार?
वह 1988 बैच के केरल कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं।
संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
गृह मंत्रालय में रहते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी।
अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान जम्मू-कश्मीर मामलों की जिम्मेदारी भी उनके पास थी।
केरल में एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर और केरल राज्य सहकारी बैंक के एमडी भी रह चुके हैं।
शिक्षा पृष्ठभूमि:
आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक।
आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस की पढ़ाई।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पर्यावरण अर्थशास्त्र की डिग्री।
आगे की राह
ज्ञानेश कुमार के सामने कई बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनमें आगामी विधानसभा चुनाव, 2027 में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव, और राज्यसभा के चुनाव शामिल हैं। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
