अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी और भारी टैरिफ की धमकी के बाद भी भारत ने साफ कर दिया है कि वह रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया था, लेकिन नई दिल्ली ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि ऊर्जा जरूरतें वह अपने हितों के अनुसार पूरी करेगा।
इस बीच रूस ने भी भारत का साथ दिया है। रूसी अधिकारियों ने कहा है कि अगर भारतीय वस्तुओं को अमेरिकी बाजार से रोका गया तो रूस अपने यहां उनका स्वागत करेगा। साथ ही, रूस ने भरोसा जताया है कि भारत-रूस ऊर्जा सहयोग पर कोई असर नहीं पड़ेगा और तेल की आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी।
इसी कड़ी में अब एप्पल ने भी बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसके आने वाले iPhone 17 के सभी मॉडल भारत में ही बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में टाटा समूह मुख्य भागीदार होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की उत्पादन क्षमता और वैश्विक स्तर पर उसकी अहमियत को और मजबूत करेगा।
