नोएडा में एक्सोटिका फ्रेस्को अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) और नोफा (नोएडा फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) ने छापेमारी और डिजिटल धमकियों से निपटने के लिए पुलिस से सुरक्षा प्रोटोकॉल पर मार्गदर्शन मांगा है।
नोफा के सचिव और एक्सोटिका फ्रेस्को एओए के अध्यक्ष सुरोजित दासगुप्ता ने इस विषय पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शिवहरि मीना से मुलाकात की। उन्होंने सरकारी एजेंसियों की छापेमारी और डिजिटल खतरों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। पुलिस ने सुझाव दिया कि अगर किसी पर छापेमारी का शक हो, तो तुरंत 112 आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। पीसीआर टीम आकर प्रामाणिकता की जांच करेगी। इसके अलावा, छापेमारी के दस्तावेज स्थानीय पुलिस स्टेशन से सत्यापित कराए जा सकते हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि वे नियमित रूप से निवासियों के लिए सुरक्षा सत्र आयोजित करते हैं, ताकि लोग सतर्क रहें और किसी भी डिजिटल धोखाधड़ी या धमकियों से बच सकें। साइबर क्राइम विभाग भी एओए को जागरूकता बढ़ाने और जरूरी समर्थन देने के लिए तैयार है।
सुरोजित दासगुप्ता ने कहा कि यह पहल समाजों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों और टीमों को सही प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए ताकि किसी सरकारी अधिकारी के काम में बाधा न आए, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित हो। पुलिस का यह मार्गदर्शन समुदायों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।
यह कदम निवासियों की सुरक्षा को बढ़ाने और किसी भी तरह के खतरों से निपटने के लिए उठाया गया है। इससे सोसाइटी के लोग अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।
