वॉशिंगटन/नई दिल्ली:
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। ट्रंप ने यह ऐलान सऊदी अरब में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया।
ट्रंप ने कहा कि सीरिया में नई सरकार के आने के बाद अब अमेरिका को पुरानी दुश्मनी छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीरिया को दोबारा खड़ा होने का मौका देना जरूरी है।
गौरतलब है कि अमेरिका ने सीरिया पर ये प्रतिबंध वहां के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की तानाशाही, मानवाधिकार उल्लंघन और आतंकी संगठनों को समर्थन देने के आरोप में लगाए थे। अब सीरिया में नई सरकार बनने के बाद ट्रंप ने इन प्रतिबंधों को हटाने का फैसला लिया है।
इस फैसले के असर
दमिश्क में खुशी की लहर: प्रतिबंध हटने की खबर मिलते ही सीरिया की राजधानी दमिश्क में जश्न मनाया गया।
अमेरिका में विरोध: कई अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
इज़रायल की चिंता: इज़रायल ने इसे सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: कुछ देशों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ ने इसे जल्दबाज़ी बताया है।
ट्रंप ने इस दौरान सऊदी अरब के साथ एक बड़ा निवेश समझौता भी किया, जो 600 अरब डॉलर का है। माना जा रहा है कि इससे अमेरिका का मध्य पूर्व में प्रभाव और बढ़ेगा।
