भारी बारिश से उत्तराखंड में हालात बेकाबू! पहाड़ों से गिरते बोल्डर, सड़कों पर मलबा, नदियों का उफान… चारधाम यात्रा भी रोकनी पड़ी। प्रशासन हाई अलर्ट पर
उत्तराखंड में मानसून का कहर जिंदगी पर भारी पड़ रहा है।
अब तक 113 सड़कें बंद, जिनमें 2 नेशनल हाईवे भी शामिल हैं।
बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे कई जगहों पर मलबे और बोल्डर से जाम।
रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है।
सबसे चिंताजनक स्थिति केदारनाथ यात्रा मार्ग की है।
गौरीकुंड से जंगलचट्टी के बीच बोल्डर गिरने से रास्ता बंद, यात्रा रोकनी पड़ी।
प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें यात्रियों को दोनों ओर से सुरक्षित निकासी में जुटी हैं।
हालात इतने बिगड़े हैं कि नदी किनारे बसे घर खाली कराए जा रहे हैं।
उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर जैसे जिलों में भूस्खलन और पत्थरों की बारिश से कई सड़कें बंद हैं।
कुल मिलाकर पहाड़ों में रास्ते ही रास्ते टूट चुके हैं — यात्रा थम चुकी है, और लोग डरे हुए हैं।
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4 से 8 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी
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4 जिलों में Red Alert और 6 जिलों में Orange Alert
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देहरादून, चंपावत, चमोली, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर सबसे ज्यादा प्रभावित
