कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार, 15 मई 2025 को बिहार के दरभंगा में ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से संवाद करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें प्रशासनिक अड़चनों का सामना करना पड़ा।
दरभंगा में प्रशासनिक रोक
राहुल गांधी का कार्यक्रम दरभंगा के अंबेडकर छात्रावास में आयोजित होना था, जहां वे दलित और अल्पसंख्यक छात्रों से बातचीत करने वाले थे। हालांकि, जिला प्रशासन ने छात्रावास में सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति न होने का हवाला देते हुए इस आयोजन की अनुमति नहीं दी और कार्यक्रम स्थल को टाउन हॉल में स्थानांतरित कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव में लिया गया निर्णय बताया और विरोध प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी ने छात्रावास के बाहर एक संक्षिप्त भाषण में कहा, “आपको बोलने नहीं दिया जा रहा है। जाति जनगणना आवश्यक है।” उन्होंने दावा किया कि देश की 90% आबादी प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा के शीर्ष स्तरों से बाहर है और केंद्र सरकार पर कॉर्पोरेट हितों के लिए काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों में दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए उचित फंड आवंटन की मांग की।
पटना में ‘फुले’ फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग
दरभंगा से पटना पहुंचने के बाद, राहुल गांधी ने सिटी सेंटर मॉल में सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ‘फुले’ फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग में भाग लिया। यह फिल्म सामाजिक सुधारकों ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित है। इस आयोजन में बिहार भर से चयनित 400 सामाजिक कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया था। हालांकि, कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रवेश से वंचित कर दिया गया, जिससे वहां तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई।
‘शिक्षा न्याय संवाद’ अभियान का उद्देश्य
कांग्रेस का ‘शिक्षा न्याय संवाद’ अभियान बिहार में दलित, पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर छात्रों से उनकी शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इस संवाद से प्राप्त फीडबैक के आधार पर कांग्रेस आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए ‘न्याय पत्र’ तैयार करेगी।
