नरेंद्र मोदी सरकार ने आज 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे लाखों सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस घोषणा को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, जहां बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी रहते हैं।
यह फैसला नई दिल्ली सीट पर सियासी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इस क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों का प्रभाव काफी अधिक है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में कई सरकारी कॉलोनियां जैसे लोधी कॉलोनी, सरोजनी नगर, और लक्ष्मी बाई नगर स्थित हैं, जहां के मतदाता चुनावी परिणामों पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी इस कदम के जरिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके गढ़ नई दिल्ली सीट पर चुनौती देने की कोशिश कर रही है। 8वें वेतन आयोग की घोषणा से सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और अन्य लाभ मिलने की संभावना है, जो बीजेपी के लिए समर्थन बढ़ाने में मददगार हो सकता है।
दिल्ली में केंद्र सरकार के हजारों कर्मचारी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग की मांग कर रहे थे। यह मांग विशेष रूप से उस समय जोर पकड़ गई जब केंद्रीय कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। अब, चुनाव से कुछ हफ्ते पहले इस घोषणा को राजनीतिक समीकरण साधने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मतदान 5 फरवरी को होंगे, और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इस बार कुल 1.55 करोड़ मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा चुनाव में बीजेपी के लिए एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकती है।
