जांच एजेंसियों को दिल्ली ब्लास्ट केस में संदिग्ध आतंकी आदिल की अहम व्हाट्सएप चैट मिली है। चैट से पता चलता है कि आदिल पैसों को लेकर संगठन के अपने लोगों से लगातार गुहार लगा रहा था, वह सैलरी और मदद की रकम जल्दी भेजने की बात लिख रहा था और आर्थिक तंगी का जिक्र कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, धमाके की तैयारी में इस्तेमाल बड़ी रकम की व्यवस्था में उसकी भी भूमिका रही थी, इसी वजह से वह ग्रुप में “ट्रेजरर” यानी पैसे संभालने और इंतजाम करने वाले के तौर पर जाना जाता था। जांच में सामने आया कि उसने नेटवर्क में पैसे का लेन-देन किया और ब्लास्ट की साजिश को वित्तीय सहारा देने में मदद की। आदिल का बार-बार पैसों के लिए दबाव बनाना एजेंसियों के शक को मजबूत करता है कि धमाके में जुटाए गए फंड का इस्तेमाल संगठित तौर पर हुआ और इसमें एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था। उसके चैट रिकॉर्ड से फंडिंग के तरीकों, पैसों के स्रोत और उन लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है जिनके जरिए रकम भेजी–ली गई। एजेंसियां अब इन लेन-देन कड़ियों को जोड़कर पूरी साजिश और इसमें शामिल सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, ताकि धमाके के पीछे की पूरी योजना साफ हो सके।
दिल्ली ब्लास्ट केस: व्हाट्सएप चैट में पैसों के लिए गुहार लगाता मिला संदिग्ध ‘ट्रेजरर’ आदिल
