नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक प्रभावी कदम उठाते हुए ‘वायु प्रदूषण शमन योजना 2025’ की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना का आज औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य राजधानी की हवा को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।
इस योजना के तहत कई अहम कदम उठाए जाएंगे। मेट्रो स्टेशनों पर कुल 2300 इलेक्ट्रिक ऑटो को तैनात किया जाएगा, जो प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होंगे। साथ ही राजधानी के 13 संवेदनशील इलाकों में ‘मिस्ट स्प्रेयर’ लगाए जाएंगे, जो हवा में धूल और प्रदूषक तत्वों को कम करने का काम करेंगे। इसके अलावा, पेट्रोलिंग और वाहनों से निकलने वाले धुएं की जांच के लिए पीयूसीसी केंद्रों का हर छह महीने में ऑडिट अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत इस वर्ष 70 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य घोषित किया है। यह अभियान पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार को बढ़ावा देना है।
ट्रैफिक जाम को कम करने और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ‘स्मार्ट इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम’ को भी लागू किया जाएगा। इसके साथ ही 1 नवंबर से दिल्ली में केवल बीएस-6 मानक के वाहनों, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, सभी निर्माण परियोजनाओं जिनका निर्माण क्षेत्र 500 वर्ग मीटर से अधिक है, उन्हें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, ताकि प्रदूषण नियंत्रण का बेहतर निरीक्षण किया जा सके।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाया जाए। वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ता है, इसलिए हमें मिलकर इसके खिलाफ कदम उठाने होंगे।”
यह योजना दिल्ली के निवासियों के लिए उम्मीद की किरण साबित होगी, खासकर तब जब राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर कई बार खतरनाक सीमा पार कर चुका है।
