बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो इस समय निर्वासन में हैं, ने कहा कि वे इन दिनों दिल्ली में रह रही हैं और यहां उन्हें आजादी और शांति का एहसास होता है। उन्होंने साफ कहा कि वे ढाका तभी लौटेंगी जब देश में लोकतंत्र और लोगों की स्वतंत्रता पूरी तरह बहाल हो जाएगी। हसीना ने बताया कि फिलहाल बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव, हिंसा और अस्थिरता का माहौल है, जिसकी वजह से वे वापस नहीं जा सकतीं।
हसीना ने यह भी कहा कि वे अपने देश के नागरिकों के लिए चिंतित हैं और चाहती हैं कि वहां के लोग भयमुक्त और लोकतांत्रिक माहौल में जीवन जी सकें। उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने बांग्लादेश को हिंसा और अव्यवस्था की ओर धकेला, उन्हें जनता माफ नहीं करेगी।
उन्होंने भारत की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली में रहकर उन्हें सुरक्षा और सम्मान दोनों मिला है, और यहां वे खुद को पूरी तरह स्वतंत्र महसूस करती हैं। शेख हसीना ने उम्मीद जताई कि जल्द ही बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी होगी और वे अपने देश लौटकर फिर से जनता की सेवा कर सकेंगी।
