“कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए…”
इस गीत की गूंज के साथ आज ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों में आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। छठ पूजा के अवसर पर सेक्टरों के पार्क, झील और सोसाइटी परिसर में बनाए गए घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर ओर दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और गीतों की मधुर ध्वनि वातावरण को पवित्र बना रही थी।
सुबह से ही लोग घाटों की तैयारी में जुट गए थे। महिलाओं ने अपने हाथों से रंगोली बनाई, तो युवाओं ने मिलकर घाटों की सफाई और सजावट की जिम्मेदारी संभाली। शाम ढलते ही सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक परिधान में सजी-संवरी सिर पर सुपली लेकर जल में खड़ी हो गईं। उन्होंने डूबते हुए सूरज को अर्घ्य दिया और अपने परिवार की सुख-शांति की कामना की।
सेक्टरों के घाटों पर बच्चों और बुजुर्गों की भी भारी मौजूदगी रही। हर चेहरा भक्ति से भरा हुआ था। श्रद्धालुओं की आवाज़ में “छठ मइया के जयकारे” गूंजते रहे। कई जगह स्थानीय समितियों ने छठ गीतों के कार्यक्रम भी आयोजित किए। ढोलक, मंजीरा और लोकगीतों की धुनों से पूरा माहौल जीवंत हो उठा।
छठ पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार सेक्टरों में श्रद्धालुओं की संख्या पहले से कहीं अधिक रही। सुरक्षा और स्वच्छता के लिए पुलिस, नगर प्राधिकरण और स्वयंसेवक लगातार निगरानी में रहे।
कल सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देकर यह महापर्व संपन्न होगा। लेकिन आज की शाम ग्रेटर नोएडा के हर सेक्टर में एक ही दृश्य नजर आया—दीयों से जगमगाते घाट, गूंजते गीत और श्रद्धा से भरे लोग।
