देवोत्थान एकादशी पर साहिबाबाद में शादी का उत्सव: 12 नवंबर को 1000 से अधिक विवाह आयोजन

साहिबाबाद में देवोत्थान एकादशी के मौके पर मंगलवार को शादियों का जोर रहेगा। शहर में 500 से ज्यादा शादियां होंगी, जिसके लिए बैंक्वेट हाॅल, होटल और धर्मशालाएं पहले से ही बुक हो चुकी हैं। अगर देहात में होने वाली शादियां भी जोड़ ली जाएं, तो यह संख्या 1000 से भी ऊपर हो जाती है। लोनी, ट्रांस हिंडन, मोदीनगर और मुरादनगर के फार्म हाउस भी शादियों के लिए बुक किए जा चुके हैं।

मान्यता के अनुसार, चातुर्मास (चार महीने) के दौरान भगवान विष्णु विश्राम करते हैं। देवोत्थान एकादशी के दिन वे फिर से जागते हैं। इस दिन को शुभ माना जाता है, और इसी के साथ शादियों का सीजन भी शुरू हो जाता है। हर साल इस खास दिन पर शहर में कई शादियां होती हैं। इसी दिन तुलसी (पवित्र पौधे) और शालिग्राम (भगवान विष्णु का प्रतीक पत्थर) का विवाह भी जगह-जगह आयोजित किया जाता है।

ट्रांस हिंडन क्षेत्र में लगभग 250 विवाह स्थल हैं, और शहर के बाकी हिस्सों में भी इतने ही शादी के आयोजन के स्थान हैं। सभी जगह 12 नवंबर के लिए पहले से ही बुकिंग हो चुकी है। इसके अलावा, मोदीनगर, मुरादनगर, डासना और लोनी में कुल 500 शादी स्थल भी बुक हैं। गांवों में भी बरात घर और खुले स्थानों पर तंबू लगाकर शादी समारोह हो रहे हैं। इस तरह 12 नवंबर को हजार से ज्यादा शादियां होंगी।

अन्य शुभ कार्य भी होंगे

पंडितों के अनुसार, 12 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के दिन विवाह का बहुत शुभ समय है, जिसे “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है। इस दिन शादी के लिए मुहूर्त निकलवाने की ज़रूरत नहीं होती। यह समय केवल विवाह के लिए नहीं, बल्कि गृह प्रवेश, भूमि पूजन और अन्य शुभ कार्यों के लिए भी अच्छा माना जाता है। इस साल नवंबर और दिसंबर में विवाह के कई अच्छे मुहूर्त हैं।

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