देव दीपावली का पर्व 15 नवंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा, जो कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है। इस दिन गंगा स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है। देव दीपावली की पूजा शाम के समय होती है, और इस साल इसका शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
देव दीपावली भगवान शिव की पूजा से जुड़ा हुआ है, और इस दिन भगवान शिव के लिए दीप जलाए जाते हैं। तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव के अनुसार, देव दीपावली पर दीपक की संख्या का विशेष महत्व है। भगवान शिव के दिन एक मुख वाला दीपक जलाना शुभ फलदायी माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. भार्गव के अनुसार, देव दीपावली पर शुभ मुहूर्त में विषम संख्या में दीपक जलाना शुभ होता है। आप 5, 7, 9, 11, 51, या 101 दीपक जला सकते हैं। अगर आप और दीपक जलाना चाहते हैं, तो हमेशा विषम संख्या का ध्यान रखें।
देव दीपावली के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन 8 या 12 मुख वाला दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। आप इस दिन भगवान शिव के लिए 8 या 12 मुख वाला दीपक जलाकर उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इससे भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होंगे, आपके दुख दूर होंगे, और आपके जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।
1. दीपदान के लिए मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करें। दीपक को जलाने से पहले उसे पानी में डुबोकर रखें। जब वह सूख जाए, तो दीपक जलाएं।
2. देव दीपावली पर गाय के घी का दीपक जलाने की परंपरा है, क्योंकि यह देवताओं को पसंद आता है। इससे घर में सुख और समृद्धि आती है। अगर घी नहीं है, तो आप तिल या सरसों के तेल का दीपक भी जला सकते हैं।
