नई दिल्ली – अगस्त के मध्य में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले 24 घंटों से भारी बारिश का दौर जारी है। लगातार बरसात से नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं।
उत्तराखंड के चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में सड़कों पर मलबा गिरने से यातायात बाधित है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और मंडी में पहाड़ दरकने से मकान और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में गंगा और घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। खेत डूब गए हैं और सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बिहार में कोसी और बागमती नदी में पानी का स्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन ने प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं। स्कूल-कॉलेज कई जगह बंद कर दिए गए हैं, जबकि लोगों को नदी किनारे और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटों में बारिश का जोर कुछ इलाकों में और बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
