नए नोएडा के विकास के लिए कर्मचारियों की बढ़ी मांग, अस्थायी दफ्तर भी खुलेगा”

नोएडा प्राधिकरण को नए नोएडा के मास्टर प्लान 2041 के लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। इसके बाद, प्राधिकरण ने आगे की योजना पर काम शुरू कर दिया है। सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि नए नोएडा क्षेत्र में केवल आबादी वाली जगहों को छोड़कर बाकी जगहों पर बिना मंजूरी के कोई निर्माण नहीं होगा। अगर बिना अनुमति के निर्माण हुआ, तो प्राधिकरण सख्त कार्रवाई करेगा।

नए नोएडा को “दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र” (डीएनजीआईआर) नाम दिया गया है। इसका नोटिफिकेशन 29 अगस्त 2017 को जारी किया गया था। हाल ही में, यूपी कैबिनेट ने 18 अक्टूबर को इसके मास्टर प्लान 2041 को मंजूरी दी है।

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों में इस नए नोएडा का निर्माण किया जाएगा। इस क्षेत्र का विकास चार चरणों में वर्ष 2041 तक पूरा होगा।

पहले चरण में 3165 हेक्टेयर जमीन पर 2027 तक विकास कार्य पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण में 3798 हेक्टेयर जमीन का विकास 2032 तक, तीसरे चरण में 5908 हेक्टेयर जमीन का विकास 2037 तक, और चौथे चरण में 8230 हेक्टेयर जमीन पर विकास कार्य 2041 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने नए नोएडा के विकास के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। 26 अक्टूबर को हुई बैठक में प्राधिकरण के संचालक मंडल ने जमीन अधिग्रहण की योजना पर काम तेज़ी से शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में, सोमवार को अधिकारियों ने क्षेत्र के विकास की योजना बनाने के लिए एक बैठक की। अब बिना मंजूरी के नए नोएडा में कोई निर्माण कार्य मान्य नहीं होगा, और अगर कोई नियमों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, नए नोएडा क्षेत्र का सर्वे करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसमें सैटेलाइट फोटो खरीदने की प्रक्रिया जारी है और क्षेत्र की एरियल फोटो भी ली जाएंगी। इन फोटोज के माध्यम से गांवों की आबादी, खेत, सड़कें और नहरों की असली स्थिति का पता लगाया जाएगा। इस बैठक में प्राधिकरण के एसीईओ संजय खत्री, सतीश पाल, ओएसडी महेंद्र प्रसाद और नियोजन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

प्राधिकरण के सीईओ ने बताया कि नए नोएडा के विकास कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी जरूरत है, इसलिए अधिक कर्मचारियों की मांग की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि “नए नोएडा” के प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए किसी संस्था का चयन होगा, जो गांवों का पूरा रिकॉर्ड इकट्ठा करेगी ताकि आगे की योजना बनाई जा सके।

इस प्रोजेक्ट के तहत एक अस्थायी दफ्तर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास खोला जाएगा। इस दफ्तर में भूलेख और सिविल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से बैठकर काम करेंगे।

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