नवरात्र के अवसर पर मीट और मछली की दुकानों को बंद करने की मांग

जीवन अर्पण गौ सेवा समिति ने आगामी नवरात्रों को ध्यान में रखते हुए जिले में मीट, मछली और अंडे की दुकानों को बंद करने की मांग की है। शनिवार को समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुराग चंद्र सारस्वत को सौंपा।

संस्था के अध्यक्ष मोनू गुर्जर और देवा पंडित ने बताया कि 22 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस दौरान घर-घर माता रानी की चौकी सजाई जाती है और श्रद्धालु सुख-शांति एवं सभी जीव-जंतुओं के कल्याण की प्रार्थना करते हैं। समिति का कहना है कि नवरात्र के नौ दिनों में किसी भी प्रकार की जीव हत्या नहीं होनी चाहिए।

प्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिले में कई स्थानों पर अवैध रूप से बिना लाइसेंस मीट की दुकानें संचालित हो रही हैं। समिति ने प्रशासन से आग्रह किया कि नवरात्र के दौरान सभी मांसाहारी दुकानों को बंद करने का आदेश जारी किया जाए। उनका कहना है कि इससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा और सामाजिक सौहार्द बना रहेगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान नवीन देवधर, मनीष टाइगर, प्रमोद भारद्वाज, विनीत नागर और सुनील दुबे भी मौजूद रहे। समिति ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और नवरात्र में धार्मिक परंपरा और सभी जीवों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

कुल मिलाकर, समिति ने नवरात्र के पवित्र माहौल को बनाए रखने और जीव-जंतुओं की सुरक्षा के लिए जिले में सभी मांसाहारी दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करने की जोरदार अपील की

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *