नोएडा के चर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली को अब जेल से रिहा कर दिया गया है। बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उसकी रिहाई का आदेश लुक्सर स्थित जिला जेल में पहुंचा। जैसे ही आदेश मिला, जेल प्रशासन ने तुरंत सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और उसे जेल से बाहर निकाल दिया गया।
रिहाई के समय कोली की अधिवक्ता (वकील) भी जेल में मौजूद थीं। जेल से बाहर निकलने के बाद कोली अपनी वकील के साथ कार में बैठकर चला गया। इस दौरान उसने मीडिया से कोई बात नहीं की और चुपचाप जेल परिसर छोड़ दिया।
दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी यानी 13वें केस में भी सुरेंद्र कोली को दोषमुक्त कर दिया था। अदालत ने उसकी क्यूरेटिव याचिका (अंतिम अपील) पर सुनवाई करते हुए कहा कि उसके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं। इसलिए उसकी सजा रद्द कर दी गई और कोर्ट ने तुरंत रिहाई का आदेश दिया।
सुरेंद्र कोली 8 सितंबर 2024 से लुक्सर जेल में बंद था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को उसकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस रिहाई के साथ ही निठारी कांड का लंबा कानूनी सफर अब खत्म हो गया है। यह वही मामला था जिसने पूरे देश को हिला दिया था — जब नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों और महिलाओं के गायब होने और हत्या के मामले सामने आए थे। कोली और उसके मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर पर हत्या, रेप और नरभक्षण तक के आरोप लगे थे।
लेकिन कई सालों तक चली जांच और अदालतों में सुनवाई के बाद, अब सुरेंद्र कोली सभी मामलों में बरी हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पर्याप्त सबूत नहीं मिले, इसलिए उसे रिहा किया जा रहा है।
अब कोली के जेल से बाहर आने के साथ ही निठारी कांड से जुड़ा एक बड़ा और चर्चित कानूनी अध्याय समाप्त हो गया है।
