भोजपुरी सिनेमा के स्टार दिनेश लाल यादव, जिन्हें ‘निरहुआ’ के नाम से जाना जाता है, ने 2003 में भोजपुरी इंडस्ट्री में कदम रखा था। उसी साल उन्होंने अपना पहला एल्बम जारी किया था, जिससे उन्हें अपना स्टेज नाम ‘निरहुआ’ मिला। इसके बाद से वह लगातार सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे और आज वह न सिर्फ भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार हैं, बल्कि राजनीति में भी सक्रिय हैं।
हाल ही में निरहुआ ने ‘आप की अदालत’ शो में हिस्सा लिया और इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। एक सवाल के दौरान, जब रजत शर्मा ने भोजपुरी गानों में अश्लील शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाया, तो निरहुआ ने बॉलीवुड गानों का उदाहरण देते हुए भोजपुरी गानों की रक्षा की। उन्होंने बताया कि भोजपुरी गानों के बोल भी अच्छे होते हैं और कई बॉलीवुड गानों से भी उनके बोल बेहतर होते हैं। इस तरह निरहुआ ने अपने गानों की इज्जत बचाने के लिए बॉलीवुड गानों से तुलना की।
इस बयान में अभिनेता ने गोविंदा के गाने ‘सरकई लो खटिया जाड़ा लगे’ और भोजपुरी गाने ‘लगई ले चोलिया के हूक राजा जी’ के बीच तुलना की। उन्होंने सवाल उठाया कि बॉलीवुड में ऐसे गाने क्यों बनाए जाते हैं, लेकिन जब भोजपुरी गाने इसी तरह के होते हैं, तो उन्हें अश्लील क्यों कहा जाता है। उन्होंने बॉलीवुड के कुछ प्रसिद्ध गायक जैसे बादशाह और हनी सिंह के गानों का भी जिक्र किया और कहा कि भोजपुरी गाने सबसे अच्छे हैं
उन्होंने अपनी फिल्मों और शूटिंग के दौरान हुए कुछ मजेदार वाकये बताए। एक बार, शूटिंग के दौरान एक आदमी की वजह से काम में रुकावट आ रही थी, तो उन्होंने उसे फिल्म में काम करने का लालच देकर एक पेड़ से बांध दिया। उन्होंने उससे कहा कि शूटिंग के आखिरी में उसे बचा लिया जाएगा और यह सीन फिल्म में दिखाया जाएगा।
