काठमांडू में शुक्रवार, 28 मार्च 2025 को राजशाही समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिससे शहर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल में राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना की मांग करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तिनकुने, सिनामंगल और कोटेश्वर क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया है, और नेपाली सेना को सड़कों पर तैनात किया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा तब भड़की जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया। जवाब में, पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का उपयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने कई इमारतों, वाहनों और एक मीडिया हाउस की इमारत में आग लगा दी, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आज रात 10 बजे तक के लिए बंद कर दिया है, और कई उड़ानों को डायवर्ट किया गया है। नेपाल सरकार ने आपातकालीन बैठक बुलाई है ताकि स्थिति का मूल्यांकन किया जा सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
नेपाल ने 2008 में संसद द्वारा राजशाही को समाप्त कर धर्मनिरपेक्ष, संघीय, लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना की थी। हालांकि, हाल के महीनों में कुछ समूह फिर से राजशाही की बहाली की मांग कर रहे हैं, विशेष रूप से जब पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने 19 फरवरी को लोकतंत्र दिवस पर जनता से समर्थन की अपील की थी।
वर्तमान में, काठमांडू और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, और नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
