नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जहरीली हवा, स्मॉग और कम विजिबिलिटी के कारण लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
1. डीजल वाहनों पर प्रतिबंध:
बीएस-3 और बीएस-4 डीजल वाहनों का प्रवेश बंद।केवल सीएनजी, पेट्रोल, और इलेक्ट्रिक वाहन चलेंगे।
2. निर्माण कार्यों पर रोक: सड़क निर्माण, खुदाई, ड्रिलिंग जैसे काम बंद। धूल और प्रदूषण फैलाने वाले सभी कार्यों पर रोक।
3. सड़कों पर पानी का छिड़काव: प्राधिकरण ने नियमित पानी छिड़काव के आदेश दिए हैं।
4. भारी जुर्माना: नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माने का प्रावधान।
दिल्ली में सख्त नियम:
केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक, और बीएस-6 डीजल ट्रकों को ही अनुमति। बीएस-4 से नीचे के सभी डीजल वाहन प्रतिबंधित।
स्कूल और दफ्तर:
6वीं से 9वीं और 11वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन हो सकती हैं।दफ्तरों में 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे।
स्वास्थ्य पर सलाह: बच्चे, बुजुर्ग, और बीमार लोग घर के अंदर ही रहें। बाहरी गतिविधियां जितना हो सके, टालें। यह सभी कदम वायु गुणवत्ता में सुधार लाने और प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए गए हैं।
