नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुगम बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण दो नए अंडरपास बनाने जा रहा है। ये अंडरपास झट्टा गांव (16.900 किमी पर) और सुल्तानपुर गांव (6.10 किमी पर) के पास बनाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है, जिसमें इच्छुक कंपनियां 18 फरवरी तक आवेदन कर सकती हैं, और 19 फरवरी को बिड खोली जाएगी।
अंडरपास का महत्व और लाभ
इन दो अंडरपास के निर्माण से 27 सेक्टर और 20 गांवों के लोगों को फायदा होगा, जिससे उन्हें एक्सप्रेसवे को पार करने में आसानी होगी। पहले भी इस एक्सप्रेसवे पर तीन अंडरपास बनाए जा चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब डायाफ्राम तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
अंडरपास का विवरण
1. झट्टा गांव के पास (16.900 किमी पर) अंडरपास
लंबाई: 800 मीटर
लागत: 99.74 करोड़ रुपये
लाभ: सेक्टर-145, 146, 155, 159 और आसपास के 10 गांवों को सुविधा मिलेगी।
2. सुल्तानपुर गांव के पास (6.10 किमी पर) अंडरपास
लंबाई: 731 मीटर
लागत: 81.61 करोड़ रुपये
लाभ: सेक्टर-128, 129, 132, 108 समेत 11 गांवों को फायदा मिलेगा।
तकनीकी बदलाव
पहले बने अंडरपास (कोंडली, एड्वेंट, सेक्टर-96) में बॉक्स पुशिंग तकनीक का उपयोग किया गया था, जिससे सड़क धंसने की समस्याएं आईं। इसलिए, अब डायाफ्राम तकनीक अपनाई जा रही है, जिसमें बिना खुदाई के डायाफ्राम वॉल बनाई जाएगी, फिर ऊपर से छत तैयार कर मिट्टी हटाई जाएगी।
यातायात पर असर
निर्माण कार्य के दौरान कुछ दिनों तक एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा, लेकिन इसके बाद यात्रियों को सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
