सरकार ने कर्मचारियों और मजदूरों की सुविधा बढ़ाने के लिए नए लेबर कोड लागू किए हैं। इन कोड्स के बाद सैलरी की संरचना बदल जाएगी। अब बेसिक सैलरी पहले से ज्यादा होगी, जिससे PF में ज्यादा पैसा जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि रिटायरमेंट के समय पेंशन और PF की रकम बढ़ जाएगी। हालांकि टेक-होम यानी हाथ में मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह कर्मचारियों के लिए फायदेमंद होगा।
नए लेबर कोड में ओवरटाइम को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। अब हफ्ते में कुल 48 घंटे काम करना तय किया गया है। कंपनियां चाहे तो 12 घंटे की शिफ्ट करवा सकती हैं, लेकिन इसके बदले कर्मचारियों को हफ्ते में तीन छुट्टियाँ देनी होंगी। ओवरटाइम का पूरा भुगतान देना भी अनिवार्य होगा। इसके साथ ही Earned Leave के नियम भी कर्मचारियों के पक्ष में बदले गए हैं, जिससे साल में पहले की तुलना में ज्यादा छुट्टियाँ जमा हो सकेंगी।
फैक्ट्री और जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वालों की सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है। नए कोड में सुरक्षा उपकरण, सुरक्षित माहौल और दुर्घटना के मामले में तुरंत मुआवजे के नियम और कड़े किए गए हैं। कुल मिलाकर नए लेबर कोड का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर सुविधा, मजबूत रिटायरमेंट फंड और सुरक्षित कार्य माहौल देना है।
