नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पहाड़ी राज्यों में आए दिन हो रही बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि पहाड़ी इलाकों में हो रही पेड़ों की अवैध कटाई इन आपदाओं का बड़ा कारण है। न्यायालय ने केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों से इस पर विस्तृत जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लगातार जंगल काटे जा रहे हैं, जिससे नदियों का प्राकृतिक बहाव बिगड़ रहा है और बारिश के दौरान भारी तबाही हो रही है। कोर्ट ने साफ किया कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके नाम पर पर्यावरण की अनदेखी नहीं हो सकती।
अब कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे बताएँ कि अवैध कटाई को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और आगे इस स्थिति से बचने के लिए क्या ठोस योजना बनाई गई है।
